hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Sandeep dabral 'sendy'
ghar ki rozi roti chalti mere roz kamaane se
ghar ki rozi roti chalti mere roz kamaane se | घर की रोज़ी रोटी चलती मेरे रोज़ कमाने से
- Sandeep dabral 'sendy'
घर
की
रोज़ी
रोटी
चलती
मेरे
रोज़
कमाने
से
बोझ
ज़रा
सा
कम
हो
जाता
बापू
तेरे
शाने
से
- Sandeep dabral 'sendy'
Download Sher Image
ग़ुर्बत
की
ठंडी
छाँव
में
याद
आई
उस
की
धूप
क़द्र-ए-वतन
हुई
हमें
तर्क-ए-वतन
के
बाद
Kaifi Azmi
Send
Download Image
26 Likes
उस
ने
वा'दा
किया
है
आने
का
रंग
देखो
ग़रीब
ख़ाने
का
Josh Malihabadi
Send
Download Image
34 Likes
लो
चाँद
हो
गया
नमू
माह-ए-ख़राम
का
ऐ
मोमिनों
लिबास-ए-सियाह
ज़ेब-ए-तन
करो
फ़र्श-ए-अज़ा
बिछा
के
अज़ाख़ाने
में
शजर
अब
सुब्ह-ओ-शाम
ज़िक्र-ए-ग़रीब-उल-वतन
करो
Read Full
Shajar Abbas
Send
Download Image
1 Like
मिलना
हमारा
कम
हुआ
फिर
बात
कम
हुई
क़िस्तों
में
मुझ
ग़रीब
की
ख़ैरात
कम
हुई
Bhawana Srivastava
Send
Download Image
74 Likes
सुनते
हैं
इश्क़
नाम
के
गुज़रे
हैं
इक
बुज़ुर्ग
हम
लोग
भी
फ़क़ीर
इसी
सिलसिले
के
हैं
Firaq Gorakhpuri
Send
Download Image
30 Likes
मुफ़लिसी
थी
और
हम
थे
घर
के
इकलौते
चराग़
वरना
ऐसी
रौशनी
करते
कि
दुनिया
देखती
Kashif Sayyed
Send
Download Image
64 Likes
ग़रीब
लोग
कहाँ
ख़ुद
को
बचा
पाएँगे
वबास
बच
भी
गए
भूख
से
मर
जाएँगे
Astitwa Ankur
Send
Download Image
21 Likes
धूप
पड़े
उस
पर
तो
तुम
बादल
बन
जाना
अब
वो
मिलने
आए
तो
उसको
घर
ठहराना।
तुमको
दूर
से
देखते
देखते
गुज़र
रही
है
मर
जाना
पर
किसी
गरीब
के
काम
न
आना।
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
123 Likes
इसी
लिए
तो
है
ज़िंदाँ
को
जुस्तुजू
मेरी
कि
मुफ़लिसी
को
सिखाई
है
सर-कशी
मैं
ने
Ali Sardar Jafri
Send
Download Image
16 Likes
उसको
राँझा
मत
कहो,
जो
ना
हुआ
फ़क़ीर
जो
ना
जोगन
हो
सकी,
सो
काहे
की
हीर!
Harman Dinesh
Send
Download Image
26 Likes
Read More
मेरा
ही
अहबाब
मिरा
क़ातिल
निकला
सो
ग़र्क़ी
में
हाथ
मिरा
शामिल
निकला
रोज़
मिसालें
देता
जिसकी
बातों
की
दुनिया
में
वो
ही
ज़्यादा
बातिल
निकला
Read Full
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
0 Likes
कहते
हैं
लोगों
के
पास
डुबाने
के
ज़रिये
अच्छे
होते
हैं
यार
यहाँ
ता'रीफ़ो
के
पुल
के
नीचे
दरिये
अच्छे
होते
हैं
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
1 Like
लहरों
में
डूबती
कश्ती
को
बस
किनारा
यहाँ
चाहिए
रंज
में
हर
दफ़ा
मशवरा
नइँ
सहारा
यहाँ
चाहिए
लौट
वापस
यहाँ
आती
मायूस
चेहरों
पे
फिर
रंगतें
खिलखिलाते
लबों
का
फ़क़त
इक
इशारा
यहाँ
चाहिए
Read Full
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
0 Likes
जब
सितारे
होते
हैं
गर्दिश
में
तब
लोग
अपने
आज़माने
लगते
हैं
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
0 Likes
सुना
है
जो
उसे
देखे
उसी
के
सिम्त
हो
जाए
मियाँ
करके
ये
गुस्ताख़ी
उसे
अब
हम
भी
देखेंगे
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Bahana Shayari
Gulshan Shayari
Khwaahish Shayari
Garmi Shayari
Azal Shayari