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Sandeep dabral 'sendy'
baith tanhaa bakht ka rona na rote ham yahaañ par
baith tanhaa bakht ka rona na rote ham yahaañ par | बैठ तन्हा बख़्त का रोना न रोते हम यहाँ पर
- Sandeep dabral 'sendy'
बैठ
तन्हा
बख़्त
का
रोना
न
रोते
हम
यहाँ
पर
गर
लकीरों
से
लकीरें
हाथ
की
मिलती
हमारी
- Sandeep dabral 'sendy'
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मिलना
था
इत्तिफ़ाक़
बिछड़ना
नसीब
था
वो
उतनी
दूर
हो
गया
जितना
क़रीब
था
Anjum Rehbar
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किसी
के
तुम
हो
किसी
का
ख़ुदा
है
दुनिया
में
मेरे
नसीब
में
तुम
भी
नहीं
ख़ुदा
भी
नहीं
Akhtar Saeed Khan
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कोई
भी
रोक
न
पाता,
गुज़र
गया
होता
मेरा
नसीब-ए-मोहब्बत
सँवर
गया
होता
न
आईं
होती
जो
बेग़म
मेरी
अयादत
को
मैं
अस्पताल
की
नर्सों
पर
मर
गया
होता
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Paplu Lucknawi
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ख़ुद
बुलाओ
के
वो
यूँँ
घर
से
नहीं
निकलेगा
यहाँ
इनाम
मुक़द्दर
से
नहीं
निकलेगा
ऐसे
मौसम
में
बिना
काम
के
आया
हुआ
शख़्स
इतनी
जल्दी
तेरे
दफ़्तर
से
नहीं
निकलेगा
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Khurram Afaq
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नया
लिबास
भी
पहनो
तो
इस
तरह
पहनो
जिन्हें
नसीब
नहीं
है
उन्हें
नया
न
लगे
Javed Saba
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मिले
किसी
से
गिरे
जिस
भी
जाल
पर
मेरे
दोस्त
मैं
उसको
छोड़
चुका
उसके
हाल
पर
मेरे
दोस्त
ज़मीं
पे
सबका
मुक़द्दर
तो
मेरे
जैसा
नहीं
किसी
के
साथ
तो
होगा
वो
कॉल
पर
मेरे
दोस्त
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Ali Zaryoun
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मुझको
बदन
नसीब
था
पर
रूह
के
बग़ैर
उसने
दिया
भी
फूल
तो
ख़ुशबू
निकाल
कर
Ankit Maurya
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जीत
हूँ
जश्न-ए-मुक़द्दर
हूँ
मैं
ठीक
से
देख
सिकंदर
हूँ
मैं
Ritesh Rajwada
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अलमास
धरे
रह
जाते
हैं
बिकता
है
तो
पत्थर
बिकता
है
अजनास
नहीं
इस
दुनिया
में
इंसाँ
का
मुक़द्दर
बिकता
है
'खालिद
सज्जाद'
सुनार
हूँ
मैं
इस
ग़म
को
ख़ूब
समझता
हूँ
जब
बेटा
छुप
कर
रोता
है
तब
माँ
का
ज़ेवर
बिकता
है
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Khalid Sajjad
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वो
तिरे
नसीब
की
बारिशें
किसी
और
छत
पे
बरस
गईं
दिल-ए-बे-ख़बर
मिरी
बात
सुन
उसे
भूल
जा
उसे
भूल
जा
Amjad Islam Amjad
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शौक़
अगर
इतना
है
साथ
में
रखने
का
तो
बटुए
में
इक
तस्वीर
सजा
लेते
Sandeep dabral 'sendy'
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कसीदे
क्या
पढूँ
मैं
हुस्न
की
ता'रीफ़
में
उसके
मियाँ
तुम
समझो
बस
इतना
नज़र-भर
के
अगर
सूरज-मुखी
भी
उसको
देखे
तो
उसी
की
ओर
हो
जाए
Sandeep dabral 'sendy'
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मुझे
जीने
नहीं
देती
सुकूत-ए-शब
नहीं
इतना
सताओ
लौट
आओ
अब
Sandeep dabral 'sendy'
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कहते
हैं
लोगों
के
पास
डुबाने
के
ज़रिये
अच्छे
होते
हैं
यार
यहाँ
ता'रीफ़ो
के
पुल
के
नीचे
दरिये
अच्छे
होते
हैं
Sandeep dabral 'sendy'
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बज़्म
में
नेता
जी
भी
बतिया
रहे
थे
चमचे
से
फ़ाइदा
हद
से
बहुत
ज़्यादा
है
बे-ईमानी
में
Sandeep dabral 'sendy'
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