chhod kar dar teraa ham kidhar jaayenge | छोड़ कर दर तेरा हम किधर जाएँगे

  - SALIM RAZA REWA
छोड़करदरतेराहमकिधरजाएँगे
बिनतेरेआहभर-भरकेमरजाएँगे
तेरीआमदकीजिसदमसुनेगेंख़बर
राहमेंफूलबनकरबिखरजाएँगे
मुझपेनज़्र-ए-करमजिसघड़ीहोगई
मेरेदामनमुरादोंसेभरजाएँगे
आपनेफेरलीहैनज़रफिरतोअब
सारेइल्ज़ाममेरेहीसरजाएँगे
बनसँवरकेअगरआपजाएँतो
बज़्ममेंसबकेचेहरेउतरजाएँगे
इश्क़मुश्किलबहुतहैसुनाहैमगर
इश्क़मेंफिरभीहदसेगुज़रजाएँगे
  - SALIM RAZA REWA
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