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Sagheer Lucky
kisi bhi gair ka sochun to jaanaan kis tarah sochun
kisi bhi gair ka sochun to jaanaan kis tarah sochun | किसी भी ग़ैर का सोचूँ तो जानाँ किस तरह सोचूँ
- Sagheer Lucky
किसी
भी
ग़ैर
का
सोचूँ
तो
जानाँ
किस
तरह
सोचूँ
तुम्हारी
याद
से
फ़ुर्सत
तो
मिलती
ही
नहीं
मुझको
- Sagheer Lucky
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तो
क्या
ऐसे
ही
रोना
आ
गया
था
नहीं
वो
याद
लहजा
आ
गया
था
Shadab Javed
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फूल
ही
फूल
याद
आते
हैं
आप
जब
जब
भी
मुस्कुराते
हैं
Sajid Premi
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'अमीर'
अब
हिचकियाँ
आने
लगी
हैं
कहीं
मैं
याद
फ़रमाया
गया
हूँ
Ameer Minai
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गली
में
बैठे
हैं
उसकी
नज़र
जमाए
हुए
हमारे
बस
में
फ़क़त
इंतिज़ार
करना
है
Swapnil Tiwari
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तेरे
यादों
की
छोटी
खिड़कियों
से
तुझे
हर
रोज़
जी
भर
देखता
हूँ
Umesh Maurya
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तुम
जाओ
पर
यादों
को
तो
रहने
दो
यादों
का
भी
एक
सहारा
होता
है
Sachin Shalini
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दिलों
को
तेरे
तबस्सुम
की
याद
यूँँ
आई
कि
जगमगा
उठें
जिस
तरह
मंदिरों
में
चराग़
Firaq Gorakhpuri
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ज़रा
देर
बैठे
थे
तन्हाई
में
तिरी
याद
आँखें
दुखाने
लगी
Adil Mansuri
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सफ़र
के
बाद
भी
ज़ौक़-ए-सफ़र
न
रह
जाए
ख़याल
ओ
ख़्वाब
में
अब
के
भी
घर
न
रह
जाए
Abhishek shukla
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ख़याल
कब
से
छुपा
के
ये
मन
में
रक्खा
है
मिरा
क़रार
तुम्हारे
बदन
में
रक्खा
है
Siraj Faisal Khan
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तुम्हारे
नाम
लम्हे
ज़िन्दगी
के
कर
दिए
हैं
सब
के
अब
चाहे
भी
कोई
तो
हमारा
हो
नहीं
सकता
Sagheer Lucky
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अपने
अंदर
की
हर
कमी
रख
दे
रू-ब-रू
लाके
ज़िन्दगी
रख
दे
Sagheer Lucky
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मेरा
दामन
भरा
है
ख़ुशियों
से
उस
सेे
कहना
के
ख़ुश
रहे
वो
भी
Sagheer Lucky
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फ़क़त
उसका
ही
चेहरा
अब
दिखाई
देता
है
हर
सू
मेरी
नज़रों
में
मेरी
जाँ
समाई
ही
है
कुछ
ऐसे
Sagheer Lucky
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तुम्हारी
आँख
में
ठहरा
हुआ
हूँ
कभी
आँसू
कभी
सपना
हुआ
हूँ
मैं
किसके
हाथ
की
ज़ीनत
बनूँगा
हिनाई
शाख़
से
टूटा
हुआ
हूँ
तेरे
दिल
में
जगह
अपनी
बना
ली
मैं
ख़ुश्बू
की
तरह
फैला
हुआ
हूँ
समेटे
आ
के
माला
ही
बना
ले
मैं
बासी
फूल
सा
बिखरा
हुआ
हूँ
कोई
सिलवट
नहीं
है
बिस्तरों
पर
कई
रातों
का
मैं
जागा
हुआ
हूँ
मुहब्बत
की
कशिश
भारी
पड़ी
है
तुम्हारे
शह्र
में
आया
हुआ
हूँ
यहाँ
कोई
नहीं
होता
किसी
का
ख़ुशी
तंगी
से
भी
गुज़रा
हुआ
हूँ
नहीं
कुछ
होश
बाक़ी
है
ज़रा
भी
मुहब्बत
में
दिवानों
सा
हुआ
हूँ
अबस
बच्चा
समझते
हैं
अभी
तक
मैं
हर
इक
दौर
से
गुज़रा
हुआ
हूँ
जिसे
वालिद
की
शफक़त
मानते
हो
मैं
उसकी
छाँव
में
बैठा
हुआ
हूँ
अभी
फुर्सत
नहीं
है
कुछ
लकी
जी
बहुत
से
काम
में
उलझा
हुआ
हूँ
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Sagheer Lucky
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