ye shor kashmakash ye hangaam kuchh nahin hai | ये शोर कश्मकश ये हंगाम कुछ नहीं है

  - Sagar Kaushik
येशोरकश्मकशयेहंगामकुछनहींहै
येताम-झामसाक़ीयेशामकुछनहींहै
तुमसेेकोईशिकायतमैंक्यूँकरूँँभलाजब
मैंजानताहूँइसकाअंजामकुछनहींहै
हरएकशयमेंवोहीख़ुदसाँसलेरहाहै
हरचीज़याँकीअदभुतयाँआमकुछनहींहै
सबअपनीजेबभरनेकेइंतिज़ाममेंहैं
इनकेलिएवतनऔ'आवामकुछनहींहै
इनसबकेबादमुझकोमरनाभीहोगाक्याअब
यानीकिइसजतनकाअंजामकुछनहींहै
अच्छायेनज़्मेंग़ज़लेंतोठीकहैंचलोपर
कुछकामवामभीयाजीकामकुछनहींहै
  - Sagar Kaushik
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