usne libaas-e-qismat kaisa sila hai saagar | उसने लिबास-ए-क़िस्मत कैसा सिला है 'सागर'

  - Sagar Kaushik
उसनेलिबास-ए-क़िस्मतकैसासिलाहै'सागर'
लौटाकेउसकोकहनायेक्याकियाहै'सागर'
दिलमेंकिसीकीख़ातिरकोईजगहनहींहै
मुझ
मेंख़लानेकुछयूँँघरकरलियाहै'सागर'
फिरयूँँहुआकिसीनेभाषाकीखोजकरके
इंसानियतकाजीनादूभरकियाहै'सागर'
तुमनेबतायाक्याक्याछीनाहैउसनेतुमसेे
येभीतोसोचोउसनेकितनादियाहै'सागर'
  - Sagar Kaushik
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