गिरगयाथाक़हरउसकाबस्तियोंपर
क्याभलाइल्ज़ामदेतेआँधियोंपर
आजजलनाहीथाक़िस्मतमेंहमारी
कैसेहमग़ुस्सादिखातेबिजलियोंपर
जिसतरहसेदेखतीहैंउसकीनज़रें
छोड़आताहूँमैंनज़रेंखिड़कियोंपर
अबकिसीकोडरनहोदिलटूटनेका
फूँकआयाहूँशिफ़ाहरलड़कियोंपर
इकसदीकमहैसुनानेजोलगूँमैं
हालकैसेसारालिखदूँचिट्ठियोंपर
फूलक़िस्मतमेंनहींथेइसलिएमैं
ग़ज़लेंलिखनेलगगयाथापत्तियोंपर
डूबकरउनकोबचालाएकिनारे
करदियाएहसानहमनेकश्तियोंपर
औरइकदिनख़त्महोगायहतमाशा
चारकाँधेलाशहोगीलकड़ियोंपर