tumhaare aalam se miraa aalam zaraa alag hai | तुम्हारे आलम से मेरा आलम ज़रा अलग है

  - Sabir
तुम्हारेआलमसेमेराआलमज़राअलगहै
होतुमभीग़मगींमगरमिराग़मज़राअलगहै
यहाँपेहँसनारवाहैरोनाहैबे-हयाई
सुक़ूत-ए-शहर-ए-जुनूँकामातमज़राअलगहै
खुलेंगेशाख़ोंकेराज़अहल-ए-चमनपरअबके
गिरहगिरहसेउलझतीशबनमज़राअलगहै
तिरेतसव्वुरकीधूपओढ़ेखड़ाहूँछतपर
मिरेलिएसर्दियोंकामौसमज़राअलगहै
ज़रासाबदलाहुआहैतर्ज़-ए-कलाम'साबिर'
वहीपुरानेहैंलफ़्ज़दम-ख़मज़राअलगहै
  - Sabir
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