aadmi-zaad ho fitrat ke mutaabiq maango | आदमी-ज़ाद हो फ़ितरत के मुताबिक़ माँगो

  - Sabir Amani
आदमी-ज़ादहोफ़ितरतकेमुताबिक़माँगो
जाओदिलखोलकेशहवतकेमुताबिक़माँगो
इसमेंकिसबातकाडरनाकिकोईदेखेगा
अपनीऔक़ात-ओ-ज़रूरतकेमुताबिक़माँगो
इसबखेड़ेमेंमुयस्सरकेमुताबिक़पड़नाइश्क़हालातसेफ़ुर्सतकेमुताबिक़माँगो
हाँयेलाज़िमहैकिराइजकाभरमरक्खोतुम
रबसेअपनोंकीशरीअ'तकेमुताबिक़माँगो
इतनामाँगोजोतरीक़ेसेउठासकतेहो
यारदामनकीसुहूलतकेमुताबिक़माँगो
बातसुनताहैसवालीकाभरमरखताहै
खुलकेदरवेशकीशोहरतकेमुताबिक़माँगो
  - Sabir Amani
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