fal hai gar tu to main patthar hooñ tiri qismat hai | फल है गर तू तो मैं पत्थर हूँ तिरी क़िस्मत है

  - Sabir Aafaque
फलहैगरतूतोमैंपत्थरहूँतिरीक़िस्मतहै
मैंअगरतेरामुक़द्दरहूँतिरीक़िस्मतहै
कुछग़लतलिखभीलियाहैतोमिटालेउसको
मैंतिरेहाथमेंडस्टरहूँतिरीक़िस्मतहै
जानकोजानग़नीमततोइबादतकरले
जानहूँजिस्मकेअंदरहूँतिरीक़िस्मतहै
बर्फ़रातोंमेंठिठुरनेसेतोअच्छायेहै
ओढ़लेमुझकोमैंचादरहूँतिरीक़िस्मतहै
तूहैप्यासातोकोईफ़िक्रकरयारमिरे
शुक्रकरमैंभीसमुंदरहूँतिरीक़िस्मतहै
मुझसेहोकरतोनिकलज़रादुनियातोदेख
चारदीवारीमेंमैंदरहूँतिरीक़िस्मतहै
पूछउसशख़्ससेमैंजिसकोनहींमिलपाया
मैंतुझेजितनामुयस्सरहूँतिरीक़िस्मतहै
  - Sabir Aafaque
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