sabq kitaab ka pakka nahin kiya main ne | सबक़ किताब का पक्का नहीं किया मैं ने

  - Sabir Aafaque
सबक़किताबकापक्कानहींकियामैंने
अभीसमझनाहैजीवनकाफ़ल्सफ़ामैंने
बुझाईप्यासनहींबसनहालियामैंने
लियाहैकामसमुंदरसेदूसरामैंने
भलावोआँखोंसेग़मकापतालगाएगाक्या
पहनलियाहैयेचश्माजोधूपकामैंने
हुआहैग़ैरक़बीलेकीइकहसींसेइश्क़
अभीतोकरनाहैमुश्किलकासामनामैंने
किसीमज़ारपेमिन्नतसेउसकोपायाहै
किएकधागेसेखींचाहैदायरामैंने
मिसालेंदेतेथेउस्तादमैंसमझताथा
फिरउसकेकहनेसेसमझाथाज़ावियामैंने
निशस्तहैनहींकहकरकईबसेंछोड़ीं
तुझेबचानेमेंकितनोंकोखोदियामैंने
  - Sabir Aafaque
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