jab azm ke sholoon ko himmat ne hawa dii hai | जब अज़्म के शो'लों को हिम्मत ने हवा दी है

  - Sabiha Sumbul
जबअज़्मकेशो'लोंकोहिम्मतनेहवादीहै
तूफ़ाँनेहीसाहिलकीतस्वीरदिखादीहै
शो'लोंसेगिलाकैसाबिजलीसेशिकायतक्या
गुलशनकेनिगहबाँनेहरशाख़जलादीहै
चाहाथाकरेंउनसेकुछशिकवा-ए-बे-मेहरी
लबहिलनेसेपहलेहीसौगंदखिलादीहै
इकवोभीहैंमरतेहैंजोनंग-ए-वफ़ाबनकर
हरवारपेहमनेतोक़ातिलकोदु'आदीहै
काँपउट्ठाहैजानेक्यूँँहरतार-ए-नफ़स'सुम्बुल'
जबमेरेबुज़ुर्गोंनेजीनेकीदु'आदीहै
  - Sabiha Sumbul
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy