dil men zaKHmon ki nayi fasl ugaane nikle | दिल में ज़ख़्मों की नई फ़स्ल उगाने निकले

  - Sabiha Sumbul
दिलमेंज़ख़्मोंकीनईफ़स्लउगानेनिकले
दर्दकेफूलबयाबाँमेंखिलानेनिकले
हरइमारतपेनएसालकाकतबादेखा
पहुँचेनज़दीकतोआसारपुरानेनिकले
पहलेहरदरपेरखेशो'ला-बयानीकेदिए
जलउठाशहरतोफिरआगबुझानेनिकले
चाँदजबरूठकेरुख़्सतहुआबाम-ओ-दरसे
लोगतपतेहुएसूरजकोमनानेनिकले
हरक़दमतल्ख़ी-ए-ता'बीरकेपत्थरबरसे
ख़्वाब-ज़ारोंकोकभीहमजोसजानेनिकले
दिलनेजबक़ैद-ए-तअ'ल्लुक़सेरिहाईमाँगी
क़ुर्बतोंकेलिएकुछऔरबहानेनिकले
  - Sabiha Sumbul
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