shikasta-paai se bach kar mirii nikal bhi gaya | शिकस्ता-पाई से बच कर मिरी निकल भी गया

  - Sabahat Asim
शिकस्ता-पाईसेबचकरमिरीनिकलभीगया
जोराहबरथामिरारास्ताबदलभीगया
करूँँगाक्याजोहुईफिरभीआतिशींबारिश
जोसाएबाँथामिरेसरपेवोतोजलभीगया
हवाशदीदहैइतनीयेझोंपड़ेहीनहीं
अमीर-ए-शहरतिराख़ुशनुमामहलभीगया
कमानखींचनेवालाहदफ़शनासथा
शिकारज़दमेंनहींथाकितीरचलभीगया
मैंसोचताहीरहारास्तेहैंपेचीदा
जोमेरेसाथचलाथाकहींनिकलभीगया
जोतैरनाहीनहींजानतावोडूबेगा
ज़रासीदेरकोक्याहैअगरसँभलभीगया
बड़ाहीबिफराहुआदस्त-ए-शाहहै'आसिम'
बचाओरूहवोजिस्मोंकोतोकुचलभीगया
  - Sabahat Asim
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