राज़हैबहुतगहराबातइकज़रासीहै
वोमैंसामनेफिरभीचश्म-ए-शौक़प्यासीहै
ज़िंदगीभीबरहमहैमौतभीख़फ़ासीहै
आज-कलतोदोनोंमेंआपकीउदासीहै
अपनीअंजुमनसेहमयेकहाँचलेआए
हरतरफ़अँधेराहैहरतरफ़उदासीहै
दाग़-ए-दिलकोरौशनकरग़मकीरातहैलंबी
शम्अ'काभरोसाक्यामहभीबे-वफ़ासीहै
आपहज़रत-ए-वाइज़पहलेख़ुदकोपहचानें
क्यूँँकिख़ुद-शनासीहीवज्ह-ए-हक़-शनासीहै
जामइसलिएअपनाआँसुओंसेभरताहूँ
जिसनज़रसेपीताथाआजवोभीप्यासीहै
यूँँतोहिज्रकीरातेंरोज़हीगुज़रतीहैं
आजऐ'सबा'लेकिनसुब्हसेउदासीहै