hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Saarthi Baidyanath
mohabbat men kahaan tum pad gaii ho
mohabbat men kahaan tum pad gaii ho | मोहब्बत में कहाँ तुम पड़ गई हो
- Saarthi Baidyanath
मोहब्बत
में
कहाँ
तुम
पड़
गई
हो
तुम्हारे
खेलने-
खाने
के
दिन
हैं
- Saarthi Baidyanath
Download Sher Image
होगा
किसी
दीवार
के
साए
में
पड़ा
'मीर'
क्या
रब्त
मोहब्बत
से
उस
आराम-तलब
को
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
19 Likes
ज़्यादा
मीठा
हो
तो
चींटा
लग
जाता
है
सच्चे
इश्क़
को
अक्सर
बट्टा
लग
जाता
है
हमने
अपनी
जान
गंवाई
तब
जाना
भाव
मिले
तो
कुछ
भी
सट्टा
लग
जाता
है
Read Full
Ritesh Rajwada
Send
Download Image
27 Likes
मैं
दौड़
दौड़
के
ख़ुद
को
पकड़
के
लाता
हूँ
तुम्हारे
इश्क़
ने
बच्चा
बना
दिया
है
मुझे
Liaqat Jafri
Send
Download Image
34 Likes
मेरा
किरदार
मेरी
बात
कहाँ
सुनता
है
ये
समझदार
मेरी
बात
कहाँ
सुनता
है
इश्क़
है
वादा-फ़रामोश
नहीं
है
कोई
दिल
तलबगार
मेरी
बात
कहाँ
सुनता
है
Read Full
Vishal Singh Tabish
Send
Download Image
66 Likes
इश्क़
पर
ज़ोर
नहीं
है
ये
वो
आतिश
'ग़ालिब'
कि
लगाए
न
लगे
और
बुझाए
न
बने
Mirza Ghalib
Send
Download Image
92 Likes
सिर्फ़
ज़िंदा
रहने
को
ज़िंदगी
नहीं
कहते
कुछ
ग़म-ए-मोहब्बत
हो
कुछ
ग़म-ए-जहाँ
यारो
Himayat Ali Shayar
Send
Download Image
42 Likes
बस
मोहब्बत
बस
मोहब्बत
बस
मोहब्बत
जान-ए-
मन
बाक़ी
सब
जज़्बात
का
इज़हार
कम
कर
दीजिए
Farhat Ehsaas
Send
Download Image
52 Likes
मेरा
किरदार
मेरी
बात
कहाँ
सुनता
है,
यह
समझदार
मेरी
बात
कहाँ
सुनता
है
इश्क़
है
वा'दा
फ़रामोश
नहीं
है
कोई,
दिल
तलबग़ार
मेरी
बात
कहाँ
सुनता
है
Read Full
Vishal Singh Tabish
Send
Download Image
45 Likes
इक
कली
की
पलकों
पर
सर्द
धूप
ठहरी
थी
इश्क़
का
महीना
था
हुस्न
की
दुपहरी
थी
ख़्वाब
याद
आते
हैं
और
फिर
डराते
हैं
जागना
बताता
है
नींद
कितनी
गहरी
थी
Read Full
Vikram Gaur Vairagi
Send
Download Image
64 Likes
लिखी
होगी
मोहब्बत
जिन
सफ़ों
पर
मेरा
दावा
है
वो
नम
ही
मिलेंगे
किसी
दिन
ऊब
जाओगे
सभी
से
तुम्हें
उस
रोज़
फिर
हम
ही
मिलेंगे
Read Full
Ritesh Rajwada
Send
Download Image
43 Likes
Read More
आशिक़ों
की
आँख
का
मोती
ग़ज़ल
देखिए
हँसती,
कभी
रोती
ग़ज़ल
है
नफ़ासत
और
मोहब्बत
से
पली
तर्बियत
के
बीज
भी
बोती
ग़ज़ल
इन
लतीफ़ों-आफ़रीं
के
दरमियान
आलमी
मेयार
को
खोती
ग़ज़ल
मुफ़्लिसी
ये
भूख
और
तश्नालबी
देख
ये
मंज़र
कहाँ
सोती
ग़ज़ल
‘सारथी’
नींदें
न
ज़ाया'
कीजिए
रतजगा
करके
कहाँ
होती
ग़ज़ल
Read Full
Saarthi Baidyanath
Download Image
0 Likes
लोरियाँ
माँ
ने
सुनाई
और
फिर
मेरे
सपनों
में
उजाला
हो
गया
Saarthi Baidyanath
Send
Download Image
1 Like
मरा
कोई
नहीं
तेरे
लिए
पर
तेरे
कारण
हज़ारों
मर
गए
हैं
Saarthi Baidyanath
Send
Download Image
2 Likes
वक़्त
का
एहतिराम
क्या
करना
ज़िन्दगी
तेरे
नाम
क्या
करना
जब
तुम
आओगे
घर
सजा
लेंगे
पहले
से
इंतिज़ाम
क्या
करना
यूँँ
भी
मैं
ठीक-ठाक
दिखता
हूँ
दोस्त
है
ताम-झाम
क्या
करना
दो
क़दम
पर
शराबख़ाना
है
रात
यूँँ
ही
तमाम
क्या
करना
'सारथी'
छोड़
दो
क़लमकारी
नौजवानी
में
धाम
क्या
करना
Read Full
Saarthi Baidyanath
Download Image
4 Likes
सोचता
हूँ
अब
उसे
माँ
से
मिला
दूँ
छुप
के
बैठी
है
जो
कब
से
चिट्ठियों
में
Saarthi Baidyanath
Send
Download Image
4 Likes
Read More
Subhan Asad
Anjum Saleemi
Siraj Faisal Khan
Zubair Ali Tabish
Swapnil Tiwari
Firaq Gorakhpuri
Aziz Nabeel
Jaan Nisar Akhtar
Ameer Minai
Zafar Gorakhpuri
Get Shayari on your Whatsapp
Zulm Shayari
Friendship Shayari
Sorry Shayari
Chaand Shayari
Hausla Shayari