fazaa aisi b-faiz-e-baagbaan maaloom hoti hai | फ़ज़ा ऐसी ब-फ़ैज़-ए-बाग़बाँ मालूम होती है

  - Saadat Aabidi
फ़ज़ाऐसीब-फ़ैज़-ए-बाग़बाँमालूमहोतीहै
बहार-ए-गुल्सिताँमिस्ल-ए-ख़िज़ाँमालूमहोतीहै
कुछअपनोंकाकरमहैकुछनिगाह-ए-अस्र-ए-हाज़िरहै
हयातइकहसरतोंकीदास्ताँमालूमहोतीहै
अजबतहक़ीरसीतफ़रीक़-ओ-बे-ज़ारीसीनफ़रतसी
दरून-ए-क़ल्बमीर-ए-कारवाँमालूमहोतीहै
दिलोंमेंमस्जिदोंमेंमंदिरोंमेंदर्स-गाहोंमें
सियासतहीसियासतहुक्मराँमालूमहोतीहै
गिरानीरिश्वतेंघपलेग़बनइफ़्सादगोलीबम
यहीआज़ादी-ए-हिन्दोस्ताँमालूमहोतीहै
ख़ुशामदइसक़दरभीसाथियोअच्छीनहींलगती
तुम्हारेमुँहमेंऔरोंकीज़बाँमालूमहोतीहै
'सआदत'झाँकउनकेदिलमेंख़ुदनफ़रतभरीहोगी
येदुनियाजिनकोनफ़रतकाजहाँमालूमहोतीहै
  - Saadat Aabidi
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