kisi ki chaah men had se guzar ga.e hote | किसी की चाह में हद से गुज़र गए होते

  - Saabir Usmani
किसीकीचाहमेंहदसेगुज़रगएहोते
तोनामसारेज़मानेमेंकरगएहोते
हमारीप्यासकीरखलीहैलाजसहराने
समुंदरोंकेसहारेतोमरगएहोते
जोमेरेसीनापेहँसकेवोहाथरखदेते
तोज़ख़्मदिलकेसभीमेरेभरगएहोते
किसीकीयादनेहमकोसँभालरखाहै
वगर्नाहिज्रमेंकबकेहीमरगएहोते
तुम्हारीयादोंकेसारेहीरंगपक्केहैं
जोहोतेकच्चेतोकबकेउतरगएहोते
हमेंतोमाँकीदु'आओंकाहीसहाराहै
नहींतोसहरामें'साबिर'बिखरगएहोते
  - Saabir Usmani
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