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RUSHIKESH PAWAR
pyaar ko jaanna to sahi hai magar
pyaar ko jaanna to sahi hai magar | प्यार को जानना तो सही है मगर
- RUSHIKESH PAWAR
प्यार
को
जानना
तो
सही
है
मगर
प्यार
होने
में
इक
उम्र
लग
जाती
है
- RUSHIKESH PAWAR
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तर्जुबा
था
सो
दु'आ
की
के
नुकसान
ना
हो
इश्क़
मजदूर
को
मजदूरी
के
दौरान
ना
हो
मैं
उसे
देख
ना
पाता
था
परेशानी
में
सो
दु'आ
करता
था
मर
जाए
परेशान
ना
हो
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Afkar Alvi
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तुम
मिलो
अब,
या
उम्र
भर
न
मिलो
फ़र्क़
पड़ता
था,अब
नहीं
पड़ता
A R Sahil "Aleeg"
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हम
जिसे
देखते
रहते
थे
उम्र
भर
काश
वो
इक
नज़र
देखता
हम
को
भी
Mohsin Ahmad Khan
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जो
नासमझ
हैं
उठाते
हैं
ज़िन्दगी
के
मज़े
समझने
वाले
तो
बस
उम्र
भर
समझते
हैं
Amit Bajaj
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इश्क़
को
एक
उम्र
चाहिए
और
उम्र
का
कोई
ए'तिबार
नहीं
Jigar Barelvi
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मैंने
चाहा
तेरे
जाने
में
न
कुछ
कमी
रहे
कोन
चाहे
उम्र
भर
ही
आँखों
में
नमी
रहे
Yogamber Agri
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वो
जो
गीत
तुम
ने
सुना
नहीं
मेरी
उम्र
भर
का
रियाज़
था
मेरे
दर्द
की
थी
वो
दास्ताँ
जिसे
तुम
हँसी
में
उड़ा
गए
Amjad Islam Amjad
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कोई
सवाल
ज़िंदगी
का
हल
नहीं
हुआ
पढ़ने
में
सारी
उम्र
गवांने
के
बावजूद
Ankit Maurya
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वो
अजब
शख़्स
था
हर
हाल
में
ख़ुश
रहता
था
उस
ने
ता-उम्र
किया
हँस
के
सफ़र
बारिश
में
Sahiba sheharyaar
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क्या
हुआ
जो
मुझे
हम-उम्र
मोहब्बत
न
मिली
मेरी
ख़्वाहिश
भी
यही
थी
कि
बड़ी
आग
लगे
Muzdum Khan
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सपने
में
कल
इक
दीवाना
देखा
नींद
खुली
फिर
उसका
जाना
देखा
RUSHIKESH PAWAR
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मत
दिला
याद
बिखर
जाऊँगा
दिल
पुकारा
मैं
सुधर
जाऊँगा
रूठकर
घर
से
निकल
आया
हूँ
रात
होगी
तो
किधर
जाऊँगा
वक़्त
के
साथ
बिगड़ता
ही
गया
उसको
लगता
था
सुधर
जाऊँगा
घर
में
शीशा
ही
नहीं
है
मेरे
उसकी
आँखों
में
सँवर
जाऊँगा
जो
भी
मिलता
हैं
यही
पूछता
है
गांव
से
कब
मैं
शहर
जाऊँगा
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RUSHIKESH PAWAR
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"एक
सूरत
एक
सी
तस्वीर
है"
यानी
दोनों
ही
तरफ़
कश्मीर
है
ये
नहीं
तो
दूसरी
मौजूद
है
आपकी
कितनी
सही
तक़दीर
है
भागने
वाले
खज़ाना
ले
गए
इसलिए
भी
घर
में
सब
दिलगीर
है
जंग
अपनी
हिज्र
से
कैसे
लड़ूं
आँख
में
आँसू
है
दिल
में
तीर
है
कौन
सा
दफ़्तर
है
कैसे
लोग
है
हाथ
पर
घड़ियाँ
नहीं
ज़ंजीर
है
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RUSHIKESH PAWAR
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तेरे
इंतेज़ार
के
लम्हें
कितने
लंबे
हो
गए
घर
के
बाहर
रुके
और
लाइट
के
खंबे
हो
गए
RUSHIKESH PAWAR
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वो
ग़म
में
है
उसके
ग़मों
को
भगा
दो
यही
वक़्त
है
उसको
अपना
बना
लो
RUSHIKESH PAWAR
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