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Rudransh Trigunayat
neend aati nahin mujhe shab bhar
neend aati nahin mujhe shab bhar | नींद आती नहीं मुझे शब भर
- Rudransh Trigunayat
नींद
आती
नहीं
मुझे
शब
भर
देख
लेते
मुझे
वो
गर
पल
भर
- Rudransh Trigunayat
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हिन्दी
में
और
उर्दू
में
फ़र्क़
है
तो
इतना
वो
ख़्वाब
देखते
हैं
हम
देखते
हैं
सपना
Unknown
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जाने
किस
किस
का
ख़याल
आया
है
इस
समुंदर
में
उबाल
आया
है
एक
बच्चा
था
हवा
का
झोंका
साफ़
पानी
को
खंगाल
आया
है
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Dushyant Kumar
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रात
भी
नींद
भी
कहानी
भी
हाए
क्या
चीज़
है
जवानी
भी
Firaq Gorakhpuri
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ख़याल
जिस
का
था
मुझे
ख़याल
में
मिला
मुझे
सवाल
का
जवाब
भी
सवाल
में
मिला
मुझे
Muneer Niyazi
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नींद
के
दायरे
में
हाज़िर
हूँ
ख़्वाब
के
रास्ते
में
हाज़िर
हूँ
याद
है
इश्क़
था
कभी
मुझ
सेे
मैं
उसी
सिलसिले
में
हाज़िर
हूँ
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Ejaz Tawakkal Khan
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जहाँ
पंखा
चल
रहा
है
वहीं
रस्सी
भी
पड़ी
है
मुझे
फिर
ख़याल
आया,
अभी
ज़िन्दगी
पड़ी
है
Zubair Ali Tabish
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ख़्वाब
इतना
भी
हसीं
मत
देखो
नींद
टूटे
तो
न
ये
शब
गुज़रे
anupam shah
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मैं
चाहता
यही
था
सब
चाह
ख़त्म
हो
अब
फिर
चाहकर
तुम्हें
बदला
ये
ख़याल
मेरा
Abhay Aadiv
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बिन
तुम्हारे
कभी
नहीं
आई
क्या
मिरी
नींद
भी
तुम्हारी
है
Jaun Elia
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कैसे
किसी
की
याद
हमें
ज़िंदा
रखती
है
एक
ख़याल
सहारा
कैसे
हो
सकता
है
Jawwad Sheikh
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साथ
दिक़्क़त
में
रहा
करते
हैं
हम
जान
महफिल
की
हुआ
करते
हैं
हम
वो
हवा
छूती
है
जैसे
शाख़
को
उस
सलीके़
से
छुआ
करते
हैं
हम
क्या
हुआ
वो
गर
जुदा
है,
ख़ुश
रहे
बस
यही
हरदम
दु'आ
करते
हैं
हम
ये
भी
आख़िर
उसने
हक़
खो
ही
दिया
अब
नहीं
ग़ुस्सा
हुआ
करते
हैं
हम
सामने
आए
नहीं
वो
शख़्स
अब
इक
ज़रा
सी
बद्दुआ
करते
हैं
हम
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Rudransh Trigunayat
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पल
हरपल
था
अब
कोई
पल
नहीं
रहा
अब
दुख
में
हूँ
मैं
पर
घाइल
नहीं
रहा
Rudransh Trigunayat
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नज़ारों
से
जो
हम
गुज़रे
तुम्हारी
याद
आती
है
पहाड़ों
से
जो
हम
उतरे
तुम्हारी
याद
आती
है
कोई
लटके
दिखाए
या
कोई
झटके
दिखाए
पर
दिखाए
जब
कोई
नख़रे
तुम्हारी
याद
आती
है
दिखे
कंगन
दिखे
काजल
दिखे
बिंदिया
दिखे
पायल
दिखे
बाज़ार
में
गजरे
तुम्हारी
याद
आती
है
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Rudransh Trigunayat
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ये
दुनिया
है
कहेगी
कुछ
उसे
कच्चा
समझती
है
कि
सौतेली
अगर
है
भी
प'
माँ
बच्चा
समझती
है
Rudransh Trigunayat
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चूम
लें
होंठ
तुम्हारे
कितना
मुश्किल
है
चाँद
को
पास
बुलाने
जितना
मुश्किल
है
Rudransh Trigunayat
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