मुसाफ़िरहैंयहाँहरलोगआतेऔरजातेहैं
यहींबनतेबिगड़तेअनगिनतरिश्तेवनातेहैं
किसीजबमुश्किलोंमेंहमघिरेहोतेकहींहैंतब
हमारेकौनहैंअपनेतभीहमआज़मातेहैं
बड़ेख़ामोशरहतेहैंकिसीसेकुछनहींकहते
भराहैदर्दसीनेमेंमगरहममुस्कुरातेहैं
सफ़रमेंज़िंदगीकेसबचलेहीजारहेबढ़ते
कमातेहैंकईनफ़रतकईयूँँप्यारपातेहैं
ज़मींपरजोबिखेरेरौशनीकिरदारसेअपने
वहीबनकरसितारेआसमाँमेंजगमगातेहैं
जहाँमेंआइनाहैंहमहमाराशौकहैलिखना
ग़ज़लकेहीसहारेअसलियतकोहमदिखातेहैं
भलेरोतारहेयेदिलहमाराहरघड़ी‘रोहित’
मगररहतेजहाँहैंहमवहाँसबकोहँसातेहैं