hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Rohit Asthana Prabhav
chaand-sa apna mukhda dikha deejie
chaand-sa apna mukhda dikha deejie | चाँद-सा अपना मुखड़ा दिखा दीजिए
- Rohit Asthana Prabhav
चाँद-सा
अपना
मुखड़ा
दिखा
दीजिए
रुख़
से
पर्दा
ज़रा-सा
हटा
दीजिए
मेरी
चाहत
पे
बेहद
खफ़ा
हैं
मगर
मेरे
जज़्बों
का
कुछ
तो
सिला
दीजिए
लेके
उम्मीद
आया
हूँ
दर
आपके
जाम-ए-वहदत
नज़र
से
पिला
दीजिए
फ़र्क
ज़र्रा
बराबर
न
रह
पाए
अब
फ़ासला
आज
हर
इक
मिटा
दीजिए
ज़िंदगी
भर
दिलों
में
महकते
रहें
प्यार
के
फूल
‘रोहित’
खिला
दीजिए
- Rohit Asthana Prabhav
Download Ghazal Image
हसरत
भरी
नज़र
से
तुझे
देखता
हूँ
मैं
जिसको
ये
खल
रहा
है
वो
आँखों
को
फोड़
ले
Shajar Abbas
Send
Download Image
27 Likes
बोसा
देते
नहीं
और
दिल
पे
है
हर
लहज़ा
निगाह
जी
में
कहते
हैं
कि
मुफ़्त
आए
तो
माल
अच्छा
है
Mirza Ghalib
Send
Download Image
37 Likes
तुझ
तक
आने
का
सफ़र
इतना
भी
आसाँ
तो
न
था
तूने
फेरी
है
नज़र
हम
सेे
जिस
आसानी
से
Mohit Dixit
Send
Download Image
4 Likes
साक़ी
कुछ
आज
तुझ
को
ख़बर
है
बसंत
की
हर
सू
बहार
पेश-ए-नज़र
है
बसंत
की
Ufuq Lakhnavi
Send
Download Image
18 Likes
कभी
ज़िन्दगी
से
यूँँ
न
चुराया
करो
नज़र
कि
मौजूद
भी
रहो
तो
न
आया
करो
नज़र
S M Afzal Imam
Send
Download Image
8 Likes
हम
जिसे
देखते
रहते
थे
उम्र
भर
काश
वो
इक
नज़र
देखता
हम
को
भी
Mohsin Ahmad Khan
Send
Download Image
4 Likes
दिलों
की
बातें
दिलों
के
अंदर
ज़रा
सी
ज़िद
से
दबी
हुई
हैं
वो
सुनना
चाहें,
ज़ुबां
से
सब
कुछ
मैं
करना
चाहूँ
नज़र
से
बतियां
ये
इश्क़
क्या
है,
ये
इश्क़
क्या
है,
ये
इश्क़
क्या
है,
ये
इश्क़
क्या
है
सुलगती
सांसें,
तरसती
आँखें,
मचलती
रूहें,
धड़कती
छतियां
Read Full
Aalok Shrivastav
Send
Download Image
30 Likes
दिल्ली
के
न
थे
कूचे
औराक़-ए-मुसव्वर
थे
जो
शक्ल
नज़र
आई
तस्वीर
नज़र
आई
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
28 Likes
फिर
नज़र
में
फूल
महके
दिल
में
फिर
शमएँ
जलीं
फिर
तसव्वुर
ने
लिया
उस
बज़्म
में
जाने
का
नाम
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
33 Likes
लाई
न
ऐसों-वैसों
को
ख़ातिर
में
आज
तक
ऊँची
है
किस
क़दर
तिरी
नीची
निगाह
भी
Firaq Gorakhpuri
Send
Download Image
22 Likes
Read More
किया
मैंने
कई
दिन
बाद
फिर
से
उस
गली
का
रुख़
मिरा
अक्सर
जिधर
से
संग
यारों
के
गुज़रना
था
Rohit Asthana Prabhav
Send
Download Image
2 Likes
यह
धुँध
आख़िर
कब
छठेगी
ज़िंदगी
की
राह
से
और
कब
खिलेगी
धूप
जिस
सेे
ज़ीस्त
होगी
ख़ुश-नुमा
Rohit Asthana Prabhav
Send
Download Image
1 Like
भले
हरपल
तिरे
इस
नूर
का
एहसास
हो
लेकिन
सुकून-ए-दिल
तिरे
दीदार
के
बिन
आ
नहीं
सकता
Rohit Asthana Prabhav
Send
Download Image
3 Likes
मुसाफ़िर
से
सफ़र
हर-रोज़
कहता
है
यही
रोहित
कि
ऐ
राही
तू
चल
तुझको
तिरी
मंज़िल
बुलाती
है
Rohit Asthana Prabhav
Send
Download Image
3 Likes
वादी-ए-दिल
पे
बहारों
ने
दी
थी
जब
दस्तक
ऐसे
आलम
में
कभी
हमको
पुकारा
होता
Rohit Asthana Prabhav
Send
Download Image
5 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Aangan Shayari
Mahatma Gandhi Shayari
Hadsa Shayari
Shaayar Shayari
Hijrat Shayari