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RIZWAN ALI RIZWAN
teraa number bhi aayega zaraa rook
teraa number bhi aayega zaraa rook | तेरा नंबर भी आएगा ज़रा रूक
- RIZWAN ALI RIZWAN
तेरा
नंबर
भी
आएगा
ज़रा
रूक
अभी
मर्दुम-शुमारी
चल
रही
है
- RIZWAN ALI RIZWAN
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अभी
से
पाँव
के
छाले
न
देखो
अभी
यारो
सफ़र
की
इब्तिदा
है
Ejaz Rahmani
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मंज़िल
पे
न
पहुँचे
उसे
रस्ता
नहीं
कहते
दो
चार
क़दम
चलने
को
चलना
नहीं
कहते
इक
हम
हैं
कि
ग़ैरों
को
भी
कह
देते
हैं
अपना
इक
तुम
हो
कि
अपनों
को
भी
अपना
नहीं
कहते
कम-हिम्मती
ख़तरा
है
समुंदर
के
सफ़र
में
तूफ़ान
को
हम
दोस्तो
ख़तरा
नहीं
कहते
बन
जाए
अगर
बात
तो
सब
कहते
हैं
क्या
क्या
और
बात
बिगड़
जाए
तो
क्या
क्या
नहीं
कहते
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Nawaz Deobandi
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मेरा
बटुआ
नहीं
होता
है
ख़ाली
तेरी
तस्वीर
की
बरकत
रही
माँ
Satya Prakash Soni
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नहीं
निगाह
में
मंज़िल
तो
जुस्तुजू
ही
सही
नहीं
विसाल
मुयस्सर
तो
आरज़ू
ही
सही
Faiz Ahmad Faiz
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बर्बाद
कर
दिया
हमें
परदेस
ने
मगर
माँ
सब
से
कह
रही
है
कि
बेटा
मज़े
में
है
Munawwar Rana
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ये
शाम
ख़ुशबू
पहन
के
तेरी
ढली
है
मुझ
में
जो
रेज़ा
रेज़ा
मैं
क़तरा
क़तरा
पिघल
रही
हूँ
ख़मोश
शब
के
समुंदरों
में
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Kiran K
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मैं
सोचता
हूँ
जब
कभी
आओगी
सामने
किस
मुँह
से
कह
सकूँगा
मोहब्बत
नहीं
रही
Shoonya
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मेरी
हर
बात
बे-असर
ही
रही
नक़्स
है
कुछ
मिरे
बयान
में
क्या
Jaun Elia
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न
हम-सफ़र
न
किसी
हम-नशीं
से
निकलेगा
हमारे
पाँव
का
काँटा
हमीं
से
निकलेगा
Rahat Indori
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न
जाने
कैसी
महक
आ
रही
है
बस्ती
से
वही
जो
दूध
उबलने
के
बाद
आती
है
Munawwar Rana
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ख़ुद
से
बिछड़े
हुए
गुज़रा
है
ज़माना
'रिज़वान'
अब
मैं
किस
हाल
में
हूँ
कोई
बता
दे
मझको
RIZWAN ALI RIZWAN
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रूह
तन
से
निकल
गई
साहिब
आब-ए-ज़म-ज़म
को
ताक़
में
रख
दो
RIZWAN ALI RIZWAN
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हद
से
गुज़र
के
दर्द
तो
तस्कीन
हो
गया
पर
मैं
तिरे
फ़िराक़
में
बे-चैन
ही
रहा
RIZWAN ALI RIZWAN
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है
अजीब
दुनिया
भी
हमको
रात
कहती
है
हम
वो
लोग
हैं
जिनके
घर
से
नूर
निकला
है
RIZWAN ALI RIZWAN
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अभी
इक
चाँद
निकला
था
यहाँ
पर
सितारे
सब
बुरा
माने
हुए
हैं
RIZWAN ALI RIZWAN
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