saath | 'साथ'

  - Ritesh kumar
'साथ'
बाकीजोहैकुछभी
वोबातमेरीसुनलो
मेरातोहैकोईनहीं
जरासाथमेरेचललो
एकतुमहीतोअपनेहो
जरायादमुझेकरलो
जोबातहैंलबपेनहीं
उसबातकोतुमसमझो
जीभरकेतुम्हेंदेखूँ
इकपलतोमुझेदेखो
मेरातोहैकोईनहीं
जरासाथमेरेचललो
बाकीजोहैकुछभी
वोबातमेरीसुनलो
ख़्वाबोंकीदुनियासे
मेरानहींकोईनाता
बसतुममिलजाओमुझे
मेरीइतनीसीहैआशा
ख़्वाबोंमेंजोकहतेहो
वोख़्वाबसच्चेकरदो
दिलमेंजोदर्दमेरे
उसदर्दकोतुमसमझो
मेरातोहैकोईनहीं
जरासाथमेरेचललो
  - Ritesh kumar
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