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Raushan miyaa'n
dastaan maine sunaai shab-e-hijra kii jun hi
dastaan maine sunaai shab-e-hijra kii jun hi | दास्ताँ मैंने सुनाई शब-ए-हिज्रा की जूँ ही
- Raushan miyaa'n
दास्ताँ
मैंने
सुनाई
शब-ए-हिज्रा
की
जूँ
ही
कोई
पागल
हो
गया
सीने
लगा
कर
मुझको
- Raushan miyaa'n
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उसे
पागल
बनाती
फिर
रही
हो
जिसे
शौहर
बनाना
चाहिए
था
Arvind Inaayat
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इक
लफ़्ज़-ए-मोहब्बत
का
अदना
ये
फ़साना
है
सिमटे
तो
दिल-ए-आशिक़
फैले
तो
ज़माना
है
Jigar Moradabadi
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तिरे
होंटों
की
सुर्ख़ी
देख
कर
तो
ऐसा
लगता
है
चबाया
हो
किसी
'आशिक़
का
दिल
हिंदा
मिज़ाजी
से
Meem Maroof Ashraf
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बोसे
में
होंट
उल्टा
'आशिक़
का
काट
खाया
तेरा
दहन
मज़े
सीं
पुर
है
पे
है
कटोरा
Abroo Shah Mubarak
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दिन
तो
ख़ैर
गुज़र
जाता
है
रातें
पागल
कर
देती
हैं
Noon Meem Danish
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दिल
भी
पागल
है
कि
उस
शख़्स
से
वाबस्ता
है
जो
किसी
और
का
होने
दे
न
अपना
रक्खे
Ahmad Faraz
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अपनी
ज़बाँ
से
कुछ
न
कहेंगे
चुप
ही
रहेंगे
'आशिक़
लोग
तुम
से
तो
इतना
हो
सकता
है
पूछो
हाल
बेचारों
का
Ibn E Insha
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वो
जो
पागल
था
अब
वो
कैसा
है
ऐसे
वो
पूछता
है
हाल
मेरा
Swapnil Tiwari
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तेरी
गली
को
छोड़
के
पागल
नहीं
गया
रस्सी
तो
जल
गई
है
मगर
बल
नहीं
गया
मजनूँ
की
तरह
छोड़ा
नहीं
मैं
ने
शहर
को
या'नी
मैं
हिज्र
काटने
जंगल
नहीं
गया
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Ismail Raaz
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पागल
हो
दीवाने
हो
या
'आशिक़
हो
पूछा
उसने
मैंने
बोला
शाइर
हूँ
मैं,
मेरे
अंदर
सब
के
सब
Tanoj Dadhich
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इस
वजह
से
उछल
रहा
हूँ
मैं
ना-समझ
था
सँभल
रहा
हूँ
मैं
हार
जाता
हूँ
चलने
से
जिस
को
फिर
वही
चाल
चल
रहा
हूँ
मैं
थाम
ले
हाथ
कोई
अब
मेरा
आदमी
हूँ
फिसल
रहा
हूँ
मैं
मुझको
ख़ुद
पे
यक़ीं
नहीं
होता
दिन-ब-दिन
जूँ
बदल
रहा
हूँ
मैं
आपको
कुछ
ख़याल
भी
है
मिरा
आप
के
पीछे
चल
रहा
हूँ
मैं
एक
ख़्वाहिश
के
वास्ते
'रौशन'
एक
ख़्वाहिश
कुचल
रहा
हूँ
मैं
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Raushan miyaa'n
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चले
मुस्कुरा
कर
हमें
वो
मना
कर
मना
कर
हमें
वो
चले
मुस्कुरा
कर
हुआ
फिर
सितमगर
मिरा
फ़ेसबुक
लव
मिरा
फ़ेसबुक
लव
हुआ
फिर
सितमगर
मिरा
खाया
गोबर
मुझे
धौंस
दे
दी
मुझे
धौंस
दे
दी
मिरा
खाया
गोबर
भिगोया
है
बिस्तर
कटी
रात
जूँ
तूँ
कटी
रात
जूँ
तूँ
भिगोया
है
बिस्तर
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Raushan miyaa'n
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दिल-नशीं
होता
कोई
और
हमारा
होता
देखने
को
अरे
क्या
ख़ूब
नज़ारा
होता
झूठ
कहते
है
जहाँ
से
कि
पुकारा
था
मुझे
मैं
ठहर
जाता
अगर
यार
पुकारा
होता
शे'र
कहने
से
गुज़ारा
नहीं
होता
रौशन
हर
कोई
होता
सुख़न-वर
जो
गुज़ारा
होता
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Raushan miyaa'n
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इक
लड़की
के
चक्कर
में
मिरी
रातें
काली
होती
थी
फ़ीलिंग
सच्ची
होती
थी
बस
चैटिंग
जाली
होती
थी
Raushan miyaa'n
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कैसे
ख़ामोश
है
तिरी
महफ़िल
कोई
हाँ
तो
भरे
कहानी
है
Raushan miyaa'n
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