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Raushan miyaa'n
is wajah se uchhal raha hooñ main
is wajah se uchhal raha hooñ main | इस वजह से उछल रहा हूँ मैं
- Raushan miyaa'n
इस
वजह
से
उछल
रहा
हूँ
मैं
ना-समझ
था
सँभल
रहा
हूँ
मैं
हार
जाता
हूँ
चलने
से
जिस
को
फिर
वही
चाल
चल
रहा
हूँ
मैं
थाम
ले
हाथ
कोई
अब
मेरा
आदमी
हूँ
फिसल
रहा
हूँ
मैं
मुझको
ख़ुद
पे
यक़ीं
नहीं
होता
दिन-ब-दिन
जूँ
बदल
रहा
हूँ
मैं
आपको
कुछ
ख़याल
भी
है
मिरा
आप
के
पीछे
चल
रहा
हूँ
मैं
एक
ख़्वाहिश
के
वास्ते
'रौशन'
एक
ख़्वाहिश
कुचल
रहा
हूँ
मैं
- Raushan miyaa'n
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इक
लड़की
के
चक्कर
में
मिरी
रातें
काली
होती
थी
फ़ीलिंग
सच्ची
होती
थी
बस
चैटिंग
जाली
होती
थी
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है
दीन
तिरा
अब
क्या
'रौशन'
टोपी
क़श्क़ा
हाए
हाए
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ज़रा
चुप
हुआ
तो
सुनाई
दिया
हमें
दिल-जलों
ने
जला
ही
दिया
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हाल-ए-दिल
रोज़
सुनाता
है
कोई
रोज़
रोने
चला
आता
है
कोई
वो
इशारे
पे
नचाए
ऐसे
जैसे
बन्दर
को
नचाता
है
कोई
हाथ
आई
को
न
यूँँ
जाने
दो
किसको
दावत
पे
बुलाता
है
कोई
कोई
सूरत
नज़र
आती
नहीं
जब
आइने
में
नज़र
आता
है
कोई
वो
बिगड़
जाते
हैं
जो
सुनते
नहीं
अच्छा
है
मुझको
सुनाता
है
कोई
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इस
दिल
को
तुम्हारी
आदत
है
ये
आदत
बेशक
ईनत
है
तुम
से
ही
तो
जाना
हमने
हम
पे
अल्लाह
कि
रहमत
है
इक
यार
फ़रेबी
को
साहिब
दुनिया
मिटने
की
दहशत
है
पलपल
में
मिरा
हसना
रोना
ज़ाहिद
ये
ख़ुदा
की
नेमत
है
मैकश
पे
ये
कैसा
ज़ुल्म
ख़ुदा
हर
पैमाने
में
शर्बत
है
है
तेग़
मिरी
गर्दन
पे
मिरे
किस
मुँह
से
कहूँ
क्या
हसरत
है
दुश्मन
भी
है
भाई
अपना
ऐसा
कहता
ये
भारत
है
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