तेरेहीजैसेयारतो,इंसानमैंभीहूँ
इसज़िन्दगीकेग़मसे,परेशानमैंभीहूँ
रिश्तेजोपहलेख़ूनकेथेग़ैरहोगए
अपनेहीघरमेंआजतो,मेहमानमैंभीहूँ
तन्हाइयोंकारोनानरोयाकरोऐदश्त
दुनियाकेभीड़भाड़में,वीरानमैंभीहूँ
कहताथाउम्रभरकभीबदलेंगेहमनहीं
वोआजक्यूँबदलगया,हैरानमैंभीहूँ
नज़रेकरमहोमुझपेभीफ़ुर्सतमिलेअगर
तेरीहसीनआँखोंपेक़ुर्बानमैंभीहूँ
ऐसानहींकेतुमही,जलेहोजुदाईमें
तुझसेे“मलक”बिछड़केतो,बे-जानमैंभीहूँ