gali se guzra to dekhi hai adh | गली से गुज़रा तो देखी है अधखुली खिड़की

  - Ram Singar Malak
गलीसेगुज़रातोदेखीहैअधखुलीखिड़की
उदासआँखोंसेमुझकोनिहारतीखिड़की
कभीजोखिड़कीसेराहोंकोमेरीतकताथा
उसीकीराहकोअबजैसेदेखतीखिड़की
उसीजगहपेकभीएकचाँदरहताथा
बनीहुईसीहैअबवोअमावसीखिड़की
बुझीबुझीसीलगे,खोईखोईरहतीहै
किसेसुनातीभलाअपनीबेबसीखिड़की
पलटकेदेखलेइकबाररूठनेवाले
केबारहायेसदाएँलगारहीखिड़की
हवाथीतेज़सोखिड़कीकोबंदकरनापड़ा
घुटनहुईज़रासीयादगईखिड़की
खुलाथादरतेराखिड़कीखुलीभीरहतीथी
किअबतोभूलेसेखुलतीनहींकभीखिड़की
वोजिसकोदेखकेसीनेमेंजानआतीथी
हमारीजानकीदुश्मन"मलक"बनीखिड़की
  - Ram Singar Malak
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