din raat ab to khud ko sajaane lage hain ham | दिन रात अब तो ख़ुद को सजाने लगे हैं हम

  - Ram Singar Malak
दिनरातअबतोख़ुदकोसजानेलगेहैंहम
यानीकिसीकेख़्वाबमेंआनेलगेहैंहम
बर्बादियोंकारोनाभीरोतेतोकबतलक
कलसेहीजश्न-ए-हिज्रमनानेलगेहैंहम
आँखोंमेंजोबसाईथीइकरोज़आपकी
तस्वीरआँसुओंसेमिटानेलगेहैंहम
लौटेहैंजबसेप्यासेहीदरियाकेपाससे
क़तरेसेअपनीप्यासबुझानेलगेहैंहम
साज़िशहमारेक़त्लकीजबआमहोगई
साएसेख़ुदकेख़ुदकोबचानेलगेहैंहम
शम्स-ओ-क़मरकोरौशनीपेथाबड़ागुमाँ
शबजुगनुओंकेसाथबितानेलगेहैंहम
ऐसानहींकितुमहीतलबगारथे'मलक'
लेदेखतितलियोंकोभीभानेलगेहैंहम
  - Ram Singar Malak
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