रहती है पास और निभाती है दूर की

  - Rakesh Mahadiuree
रहतीहैपासऔरनिभातीहैदूरकी
जन्नतमेंगईहैयेझाड़ीबबूरकी
आँखेंमिलारहेहैंतोइतनेतपाकसे
करनीनहींहैहमकोमुहब्बतहुज़ूरकी
उसओरजारहेहैंतोहमकोभीलेचलें
हमकोभीदेखनीहैझलककोह-ए-नूरकी
रौशनकईदिएमेरीबस्तीमेंहोगए
बच्चोंमेंरहीहैमुहब्बतशऊरकी
इकबारमुफ़्लिसोंकोइशारातोआपदें
पलकोंपेउठ्ठालेंगेयेबस्तीहुज़ूरकी
मयख़ानाइकनयामेरेबस्तीमेंखुलगया
बच्चोंकोमिलरहीहैसज़ाबे-क़ुसूरकी
दीवानगीमेंतूभीनयानामदर्ज़कर
'राकेश'तुझ
मेंबूहैशराब-ए-तहूरकी
  - Rakesh Mahadiuree
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