jab kabhi yaad tiri dil men simat jaati hai | जब कभी याद तिरी दिल में सिमट जाती है

  - Raj Tiwari
जबकभीयादतिरीदिलमेंसिमटजातीहै
इकउदासीमिरेचहरेसेलिपटजातीहै
ख़ुदाकीरहमतोंमेंसेयेभीइकरहमतहै
मैंचराग़ोंकोजलाऊँहवाहटजातीहै
येगणितइश्क़काहमकोनहींआयाता-उम्र
दोकीसंख्याभीयहाँतीनसेकटजातीहै
बाँधकररखताहूँजबउसकोमैंइसहुजरेमें
वोमिरेजिस्मकेहरहिस्सेमेंबटजातीहै
इनपहाड़ोंसेनदीकोकोईतोमसअलाहै
मिलकेइनसेनदीकीराहजोकटजातीहै
जबभीमैंनेतुझेख़ुदमेंसेघटानाचाहा
जिस्मसेमेरेतिरीख़ुशबूलिपटजातीहै
  - Raj Tiwari
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