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Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
ham teri raahon ko takte aa rahe hain
ham teri raahon ko takte aa rahe hain | हम तेरी राहों को तकते आ रहे हैं
- Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
हम
तेरी
राहों
को
तकते
आ
रहे
हैं
नींद
के
अब
तेज़
झोंके
आ
रहे
हैं
रोकता
है
कोई
मुझको
सीटियों
से
कुछ
दिनों
से
कान
बजते
आ
रहे
हैं
राह
क्या
बदली
पढ़ाई
ख़त्म
करके
अब
सफ़र
के
बीच
रोड़े
आ
रहे
हैं
रात
भर
बूढ़ों
के
घर
में
रौशनी
थी
गाँव
में
चर्चा
थी
बेटे
आ
रहे
हैं
प्यार
की
इक
डोर
नाज़ुक
हो
रही
है
उसको
अब
हर
रोज़
रिश्ते
आ
रहे
हैं
- Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
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जीत
भी
लूँ
गर
लड़ाई
तुम
से
मैं
तो
क्या
मिलेगा
हाथ
में
दोनों
के
बस
इक
टूटा
सा
रिश्ता
मिलेगा
कर
के
लाखों
कोशिशें
गर
जो
बचा
भी
लूँ
मैं
रिश्ता
तो
नहीं
फिर
मन
हमारा
पहले
के
जैसा
मिलेगा
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Ankit Maurya
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उस
ख़ूब-रू
से
रब्त
ज़रा
कम
हुआ
मेरा
ये
देख
कर
उदासी
मेरे
संग
लग
गई
Siddharth Saaz
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धूप
भी
आराम
करती
थी
जहाँ
अपना
ऐसी
छाँव
से
नाता
रहा
Madan Mohan Danish
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अपना
रिश्ता
ज़मीं
से
ही
रक्खो
कुछ
नहीं
आसमान
में
रक्खा
Jaun Elia
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मेरी
जवानी
को
कमज़ोर
क्यूँ
समझते
हो
तुम्हारे
वास्ते
अब
भी
शबाब
बाक़ी
है
ये
और
बात
है
बोतल
ये
गिर
के
टूट
गई
मगर
अभी
भी
ज़रा
सी
शराब
बाक़ी
है
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Paplu Lucknawi
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घर
में
झीने
रिश्ते
मैंने
लाखों
बार
उधड़ते
देखे
चुपके
चुपके
कर
देती
है
जाने
कब
तुरपाई
अम्मा
Aalok Shrivastav
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क्या
जाने
किस
ख़ता
की
सज़ा
दी
गई
हमें
रिश्ता
हमारा
दार
पे
लटका
दिया
गया
शादी
में
सब
पसंद
का
लाया
गया
मगर
अपनी
पसंद
का
उसे
दूल्हा
नहीं
मिला
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Afzal Ali Afzal
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ऐसी
हैं
क़ुर्बतें
के
मुझी
में
बसा
है
वो
ऐसे
हैं
फ़ासले
के
नहीं
राब्ता
नसीब
Afzal Ali Afzal
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हमें
पढ़ाओ
न
रिश्तों
की
कोई
और
किताब
पढ़ी
है
बाप
के
चेहरे
की
झुर्रियाँ
हम
ने
Meraj Faizabadi
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इतना
धीरे-धीरे
रिश्ता
ख़त्म
हुआ
बहुत
दिनों
तक
लगा
नहीं
हम
बिछड़े
हैं
Ajmal Siddiqui
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ये
जो
पूरी
मोहब्बत
भी
नहीं
है
क़ज़ा
है
ये
अज़िय्यत
भी
नहीं
है
हमें
रोना
है
पर
हम
ठहरे
लड़के
हमें
तो
ये
सहूलत
भी
नहीं
है
ज़रा
हम
दोनों
की
तस्वीर
तो
देख
अब
अपने
बीच
क़ुर्बत
भी
नहीं
है
मैं
काफ़िर
हूँ
यहीं
जी
ले
मेरे
साथ
मेरे
हिस्से
में
जन्नत
भी
नहीं
है
मु'आफ़ी
और
दग़ा-बाज़ी
पे
दे
दूँ
ये
इतनी
छोटी
हरकत
भी
नहीं
है
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Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
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तभी
वो
बहस
में
जीती
हुई
है
कि
बस
उसने
वकालत
की
हुई
है
सही
है
मशवरा
पर
आप
रखिए
कलाई
आपने
काटी
हुई
है
बदलना
तो
मुझे
बस
वक़्त
को
है
घड़ी
तो
ठीक
से
पहनी
हुई
है
न
बंजर
देखी
जाती
है
न
ज़रख़ेज़
ये
जो
हमने
ज़मीं
छोड़ी
हुई
है
मिटेंगी
दूरियाँ
कैसे
कि
हम
ने
ग़लत-फ़हमी
भी
तो
पाली
हुई
है
वो
जो
भी
राय
है
नाकाम
की
इक
वही
हमने
नहीं
मानी
हुई
है
बस
इक
सूरत
है
ले
दे
के
मेरे
पास
ये
भी
माँ
ने
मुझे
बख़्शी
हुई
है
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Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
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ग़लत
था
आइना
ऐसा
नहीं
था
हमीं
ने
ठीक
से
देखा
नहीं
था
ग़नीमत
है
मोहब्बत
आई
मुझ
तक
वगरना
हाथ
कुछ
लगता
नहीं
था
मैं
उसकी
आँखों
में
क्या
देखता
हूँ
मेरा
चेहरा
मेरा
चेहरा
नहीं
था
मुझे
सुनकर
सुनाने
लग
गए
तुम
बताया
था
तुम्हें
पूछा
नहीं
था
परिंदों
इसलिए
आज़ाद
हो
तुम
कि
तुमपे
कोई
भी
पहरा
नहीं
था
भला
क्यूँँ
देखता
मैं
ख़्वाब
तेरा
मुकम्मल
तो
कभी
होना
नहीं
था
ये
मुमकिन
था
कबूतर
लौट
आता
पर
अब
उसका
वो
हम-साया
नहीं
था
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Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
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तभी
तो
अब
के
मेरी
चाल
में
रवानी
थी
कि
मैंने
पहले
भी
रस्ते
की
ख़ाक
छानी
थी
मुझे
तो
तैरना
था
डूबना
नहीं
था
ख़ैर
ये
बात
तब
की
है
जब
मछली
जल
की
रानी
थी
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Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
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मेरे
यार
के
सर
जंगल
का
साया
है
और
मैं
एक
लकड़हारे
का
बेटा
हूँ
Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
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