इसजवानीकेसभीदिनयूँँकटेंगे
हमलड़कपनकेभरमपेहीजियेंगे
यूँँनहींहैइश्क़मेंबसतूलुटाहै
ज़िंदगीभरहमभीहर्जानाभरेंगे
इनपरिंदोंकीयहीमा'सूमियतहै
दीनकुछदानोंकीख़ातिरमरमिटेंगे
क्यासितमहैयेजिन्होंनेछाँवबाँटी
उनदरख़्तोंकेकभीपत्तेझड़ेंगे
थीयक़ीननजगहँसाईहारनेपर
येनहींसोचाथापहलेहमहँसेंगे