hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Atul K Rai
zindabaad karo us 'aashiq ka jo zanjeeron men bhi
zindabaad karo us 'aashiq ka jo zanjeeron men bhi | ज़िन्दाबाद करो उस 'आशिक़ का जो ज़ंजीरों में भी
- Atul K Rai
ज़िन्दाबाद
करो
उस
'आशिक़
का
जो
ज़ंजीरों
में
भी
हँस
कर
बोल
रहा
पायल
की
छम
छम
ज़िन्दाबाद
रहे
- Atul K Rai
Download Sher Image
न
खाओ
क़स
में
वग़ैरा
न
अश्क
ज़ाया'
करो
तुम्हें
पता
है
मेरी
जान
हक़-पज़ीर
हूँ
मैं
Read Full
Amaan Haider
Send
Download Image
1 Like
तुम्हें
हुस्न
पर
दस्तरस
है
मोहब्बत
वोहब्बत
बड़ा
जानते
हो
तो
फिर
ये
बताओ
कि
तुम
उस
की
आँखों
के
बारे
में
क्या
जानते
हो
ये
जुग़राफ़िया
फ़ल्सफ़ा
साईकॉलोजी
साइंस
रियाज़ी
वग़ैरा
ये
सब
जानना
भी
अहम
है
मगर
उस
के
घर
का
पता
जानते
हो
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
1272 Likes
जब
तलक
अनजान
थे
मेहफ़ूज़
थे
जान
लेना
जानलेवा
हो
गया
Vishal Bagh
Send
Download Image
36 Likes
राहों
में
जान
घर
में
चराग़ों
से
शान
है
दीपावली
से
आज
ज़मीन
आसमान
है
Obaid Azam Azmi
Send
Download Image
20 Likes
ज़्यादा
मीठा
हो
तो
चींटा
लग
जाता
है
सच्चे
इश्क़
को
अक्सर
बट्टा
लग
जाता
है
हमने
अपनी
जान
गंवाई
तब
जाना
भाव
मिले
तो
कुछ
भी
सट्टा
लग
जाता
है
Read Full
Ritesh Rajwada
Send
Download Image
27 Likes
इक
ये
भी
तो
अंदाज़-ए-इलाज-ए-ग़म-ए-जाँ
है
ऐ
चारागरो
दर्द
बढ़ा
क्यूँँ
नहीं
देते
Ahmad Faraz
Send
Download Image
37 Likes
तेरा
पीछा
करते
करते
जाने
क्यूँ
मैं
दुनियादारी
से
पीछे
छूट
गया
तूने
तो
ऐ
जान
महज़
दिल
तोड़ा
था
तू
क्या
जाने
मैं
अंदर
तक
टूट
गया
Read Full
Ritesh Rajwada
Send
Download Image
28 Likes
हम
जान
से
जाएँगे
तभी
बात
बनेगी
तुम
से
तो
कोई
राह
निकाली
नहीं
जाती
Wasi Shah
Send
Download Image
38 Likes
एक
नया
'आशिक़
है
उसका,
जान
छिड़कता
है
उसपर
मुझको
डर
है
वो
भी
इक
दिन
मय-ख़ाने
से
निकलेगा
Siddharth Saaz
Send
Download Image
55 Likes
इतनी
मिलती
है
मिरी
ग़ज़लों
से
सूरत
तेरी
लोग
तुझ
को
मिरा
महबूब
समझते
होंगे
Bashir Badr
Send
Download Image
112 Likes
Read More
मरा
है
एक
लड़का
हिचकियों
से
रगड़
कर
नाक
मर
जाओ
रक़ीबों
Atul K Rai
Send
Download Image
33 Likes
जिसे
मंज़िल
बताया
जा
रहा
था
वो
रस्ते
के
सिवा
कुछ
भी
नहीं
है
Atul K Rai
Send
Download Image
7 Likes
जनवरी
की
भाँति
आना
है
यहाँ
बीत
जाना
है
दिसम्बर
की
तरह
Atul K Rai
Send
Download Image
3 Likes
इक
अदद
जो
घर
न
पाए
आज
तक
मर
के
भी
वो
मर
न
पाए
आज
तक
उनका
बिस्तर
था
धरा
चद्दर
गगन
क्या
हुआ
कुछ
ग़र
न
पाए
आज
तक
चार
दिन
का
ही
तो
केवल
काम
था
ख़त्म
लेकिन
कर
न
पाए
आज
तक
क्या
बताएंगे
वो
रस्ता
यार
जो
राह
में
पत्थर
न
पाए
आज
तक
Read Full
Atul K Rai
Download Image
3 Likes
मज़ा
चहिए
जो
आख़िर
तक
उदासी
से
मोहब्बत
कर
ख़ुशी
का
क्या
है
कब
तब्दील
है
से
थी
में
हो
जाए
Atul K Rai
Send
Download Image
3 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Andaaz Shayari
Hausla Shayari
Sharm Shayari
Life Shayari
Waqt Shayari