dhara ka skhalan bhari padega | धरा का स्खलन भारी पड़ेगा

  - Atul K Rai
धराकास्खलनभारीपड़ेगा
सुनोयहउत्खननभारीपड़ेगा
समुंदरकाअभीगौनाहुआहै
किनारेपरमिलनभारीपड़ेगा
कहाँतुमगोपियोंकोजानतेथे
कहाथानागमनभारीपड़ेगा
चलेजानानियतिहैमानलोअब
चलेजाओवरनभारीपड़ेगा
पुरानेदिनपुनःअँखुआरहेहैं
नयेदिनकासृजनभारीपड़ेगा
अभीतोशेषहैगहनोंकीथिरकन
बिनागहनाबदनभारीपड़ेगा
अतुलतुमढीठहोतेजारहेहो
गुलाबीयहव्यसनभारीपड़ेगा
  - Atul K Rai
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