hirs ke baab men yuñ KHud ko tumhaara kar ke | हिर्स के बाब में यूँँ ख़ुद को तुम्हारा कर के

  - Rahul Jha
हिर्सकेबाबमेंयूँँख़ुदकोतुम्हाराकरके
हाथमलताहूँमैंअपनाहीख़साराकरके
अबमिरेज़ेहनमेंबसलज़्ज़त-ए-दुनियाहैरवाँ
थकचुकाहूँतिरीउल्फ़तपेगुज़ाराकरके
हमअभीसोहबत-ए-दुनियामेंहैंमसरूफ़मगर
कोईशबतुमकोभीदेखेंगेगवाराकरके
हमसेख़ामोशतबीअतभीहैंदुनियामेंकिजो
उसकोहीचाहतेहैंउससेकिनाराकरके
देरतककोईथाराहबतानेवाला
औरफिरलेगईइकमौजइशाराकरके
  - Rahul Jha
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