tumhaare naam par main ne har aafat sar pe rakkhi thii | तुम्हारे नाम पर मैं ने हर आफ़त सर पे रक्खी थी

  - Rahat Indori
तुम्हारेनामपरमैंनेहरआफ़तसरपेरक्खीथी
नज़रशो'लोंपेरक्खीथीज़बाँपत्थरपेरक्खीथी
हमारेख़्वाबतोशहरोंकीसड़कोंपरभटकतेथे
तुम्हारीयादथीजोरातभरबिस्तरपेरक्खीथी
मैंअपनाअज़्मलेकरमंज़िलोंकीसम्तनिकलाथा
मशक़्क़तहाथपेरक्खीथीक़िस्मतघरपेरक्खीथी
इन्हींसाँसोंकेचक्करनेहमेंवोदिनदिखाएथे
हमारेपाँवकीमिट्टीहमारेसरपेरक्खीथी
सहरतकतुमजोजातेतोमंज़रदेखसकतेथे
दिएपलकोंपेरक्खेथेशिकनबिस्तरपेरक्खीथी
  - Rahat Indori
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