इक शिगूफ़ा ज़िंदगी का खिल रहा है धूप में

  - Ragini Preet
इकशिगूफ़ाज़िंदगीकाखिलरहाहैधूपमें
ख़्वाबअपनाजबमजूरासींचताहैधूपमें
इकशजरडटकरखड़ाहैजेठसेटकरारहा
धूपपीकरछाँवथोड़ीटाँकताहैधूपमें
छोड़करबेटागयाथाकलहमेंबसस्टॉपपर
जानेकबसेरहाहैखोजताहैधूपमें
घरमेंसीकीहवामेंबैठेउनकोक्याख़बर
मुफ़लिसोंकीदेहऔरछप्परजलाहैधूपमें
वक़्तमेरीसीढ़ियोंपरचैनसेबैठाहुआ
परअकेलाख़ुदसेहीबतियारहाहैधूपमें
पेड़चुपहैंपरतनेमेंचीख़हैसिमटीहुई
घोंसलाउजड़ापरिंदारोरहाहैधूपमें
खेतकेकादोंमेंलिपटीसाँवलीवोअप्सरा
ज़रसरीखारूपउसकासजचुकाहैधूपमें
  - Ragini Preet
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