बादमुद्दतकेहसींरातसुहानीआई
तेरेदीदारसेसाँसोंमेंरवानीआई
नूरफैलाहैअमावसमेंग़ज़बकादेखो
चाँदनीओढ़अँधेरेमेंदिवानीआई
मंज़िलेंएकथींअपनीभीकभीचाहतमें
मुख़्तलिफ़मोड़पेलेकिनयेकहानीआई
बे-वफ़ातुमनहुएहमभीदग़ाबाज़नथे
उलझनेंदिलकीहमेंबसनमिटानीआई
'प्रीत'बरसातमेंमिट्टीकीमहकआईहै
बहकेफिरगाँवसेकुछयादपुरानीआई