पसीना पोटली में बस लिए लौटा है दिनभर की

  - Ragini Preet
पसीनापोटलीमेंबसलिएलौटाहैदिनभरकी
यहीतनख़्वाहहैइसदेशमेंमज़दूरनौकरकी
भलाफ़ौलादबनकरभीजहाँकोकिसनेजीताहै
यहाँचंगेज़भीहारामिटीहस्तीसिकंदरकी
हथेलीकीलकीरेंतुमसेमंज़िलकापतापूछें
नईपहचानलिखहाथोंसेख़ुदअपनेमुक़द्दरकी
रखतलवारहाथोंमेंक़लमकीधारपैनीरख
मिटादेतीहैहस्तीशब्दकीताक़तसितमगरकी
इबादतगाहतुममाँ-बापकेक़दमोंमेंहीजानो
यहींजन्नतहैअसलीप्रीतबेज़ाखाक़दर-दरकी
  - Ragini Preet
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy