lamhe bechaini ke tu ne bhi guzaare honge | लम्हे बेचैनी के तू ने भी गुज़ारे होंगे

  - Rafiq Siraji
लम्हेबेचैनीकेतूनेभीगुज़ारेहोंगे
तेरीआँखोंमेंमिरेभीतोनज़ारेहोंगे
मेरीनादारमोहब्बतकीशिकायततूकर
तेरीनख़वतनेकभीहाथपसारेहोंगे
बे-ख़ुदीजानेकहाँमुझकोलिएफिरतीहै
किसीबे-नामसीमंज़िलकेइशारेहोंगे
कभीग़र्क़ाबहुआथाजोसफ़ीनामेरा
जानताथाकिबहुतदूरकिनारेहोंगे
  - Rafiq Siraji
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