hamesha se vahii makhdoosh haalat | हमेशा से वही मख़दूश हालत

  - Rafiq Sandelvi
हमेशासेवहीमख़दूशहालत
एकआधीमेंगनीदुमसेलगीहै
नाकमेंबल्ग़मभराहै
हड्डियाँउभरीहुईहैंपुश्तकी
दोरोज़पहलेही
मुंडीहैऊनमेरी
सर्दियोंकेदिनहैं
चटयलबे-नुमूमैदानमें
रेवड़केअंदर
सरझुकाए
घासकीउम्मीदमें
मद्धमशिकस्ताचालचलता
ख़ुश्कडंठल
औरपॉलिथीनकेमुर्दालिफ़ाफ़ोंकोचबाता
दिनढलेबाड़ेमेंआताहूँ
हमेशासेवहीदोज़ख़कीभारीरात
कोहनाख़ौफ़काअसरार
गहरीबू
नुकीलीक़त्लियोंवालेसुअर
कुत्तोंकीलंबीभूँक
कोहरेऔरअंधेरेकीचढ़ाई
भेड़ियोंकेदाँत
ख़तरा!
सुब्ह-दमबाड़ेमें
कोईआदमीआताहै
मोटीछालकीरस्सीगलेमेंडालताहै
ज़ब्ह-ख़ानेकीतरफ़चलताहै
दुनियाअपनेअंदरमस्तहै
अर्ज़-ओ-समाअपनीजगहमौजूदहैं
पानीउसीसुरअतसेदरियाओंमेंबहताहै
पहाड़ोंकीवहीइस्तादगी
सबकुछवहीहै
हस्तकीसाँसें
मुसलसलचलरहीहैं
मुज़्महिलकमज़ोरटाँगें
एकदूजेसेउलझतीदसतियाँ
बे-मायगीकाआख़िरीलम्हा
ज़बान-ए-बे-ज़बानी
एकदमगर्दनपे
तेज़ीसेछुरीचलतीहै
क़िस्साख़त्महोताहै
हमेशासेयहाँक़ुर्बानहोतारहाहूँ
कार-आमदजानवरहूँ
खालसेजूते
सुनहरीऊनसेबनतीहैंसरकीटोपियाँ
औरगोश्तपकताहै
  - Rafiq Sandelvi
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