zameen ka bojh aur us par ye aasmaan ka bojh | ज़मीं का बोझ और उस पर ये आसमान का बोझ

  - Rafi Raza
ज़मींकाबोझऔरउसपरयेआसमानकाबोझ
उतारफेंकदूँकाँधोंसेदो-जहानकाबोझ
पड़ाहुआहूँमैंसज्देमेंकहनहींपाता
वोबातजिससेकिहल्काहोकुछज़बानकाबोझ
फिरइसकेबादउठाऊँगाअपनेआपकोमैं
उठारहाहूँअभीअपनेख़ानदानकाबोझ
दबीथीआँखकभीजिसमकान-ए-हैरतसे
अबउसमकाँसेज़ियादाहैला-मकानकाबोझ
अगरदिमाग़सिताराहैटूटजाएगा
चमकचमककेउठाताहैआसमानकाबोझ
तोझुर्रियोंनेलिखाऔरक्याउठाओगे
उठायाजातानहींतुमसेजिस्मजानकाबोझ
पलटकेआईजोग़फ़लतकेउसकुर्रेसेनिगह
तोसिलवटोंमेंपड़ाथामिरीथकानकाबोझ
जोउम्रबीतगईउसकोभूलजाऊँ'रज़ा'
पुर-ख़यालसेझटकूँगईउड़ानकाबोझ
  - Rafi Raza
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