manaazir men naya ik husn ayaan hota | मनाज़िर में नया इक हुस्न अयाँ होता

  - Rab Nawaz Mael
मनाज़िरमेंनयाइकहुस्नअयाँहोता
फ़सुर्दा-पासलम्होंकाबयाँहोता
मगरहोतेजोइकयादकेजुगनू
असासाहस्त-ए-शबकाक्यायहाँहोता
लहूठहरेमता-ए-हस्त-ए-सद-अतवार
लहूसेयूँँभीरौशन-तरजहाँहोता
किसेबतलाएँऐसीताज़ासीख़्वाहिश
तसलसुलसेदुखोंहीकासमाँहोता
इधरउक्ताहटेंहैंनौ-ब-नौमाइल
हमेंजीनेकोतारोंकाजहाँहोता
  - Rab Nawaz Mael
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy