chaman men aatish-e-gul bhi nahin dhuaan bhi nahin | चमन में आतिश-ए-गुल भी नहीं धुआँ भी नहीं

  - Raaz Muradabadi
चमनमेंआतिश-ए-गुलभीनहींधुआँभीनहीं
बहारतोयेनहींहैमगरख़िज़ाँभीनहीं
बिछड़गएहैंकहाँहम-सफ़रख़ुदाजाने
नुक़ूश-ए-पाभीनहींगर्द-ए-कारवाँभीनहीं
तवाफ़-ए-काबाकियाबुत-कदाभीदेखआए
सुकून-ए-क़ल्बयहाँभीनहींवहाँभीनहीं
क़फ़सहैगोशा-ए-राहतक़फ़सहैदार-ए-अमाँ
ग़म-ए-चमनभीनहींफ़िक्र-ए-आशियाँभीनहीं
कहाँकेगीतकहाँकीग़ज़लकिहम-सुख़नो
बहुतदिनोंसेहमेंजुरअ'त-ए-फ़ुग़ाँभीनहीं
  - Raaz Muradabadi
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