footpath pe ik bekas insaan | फ़ुटपाथ पे इक बेकस इंसाँ

  - Raabia Sultana Nashad
फ़ुटपाथपेइकबेकसइंसाँ
तकलीफ़मेंतड़पाकरताहै
दुनियामेंकोईग़म-ख़्वारनहीं
मजबूरहैआहेंभरताहै
बरसातहोयाजाड़ागर्मी
हरमौसमएकगुज़रताहै
एहसासकपड़ोंकातनपर
बसभूककेमारेमरताहै
अम्बारपेकूड़ेकेजाकर
वोपेटकादोज़ख़भरताहै
फिरभीतुझपेजाँदेताहै
फिरभीतेरादमभरताहै
हैवक़्फ़-ए-सितमदुनियामेंजो
जाँतुझपेनिछावरकरताहै
कुछबोलमिरेमहबूबख़ुदा
क्यूँउसपेजफ़ाएँकरताहै
क्यातेरेख़ज़ानेख़ालीहैं
यातूभीकिसीसेडरताहै
जबतेराकोईक़ानूननहीं
करनेदेजोइंसाँकरताहै
जिसवक़्तसेदेखाहैयारब
उसवक़्तसेयेदिलडरताहै
जोतुझपेमरेजोतुझसेडरे
तूज़ुल्मउसीपरकरताहै
अर्शसेतूभीदेखज़रा
क्यूँँकरतिराबंदामरताहै
'नाशाद'कीआँखोंसेअक्सर
तूफ़ाँअश्कोंकाबहताहै
  - Raabia Sultana Nashad
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