harf dariyaa hai dil samundar hai | हर्फ़ दरिया है दिल समुंदर है

  - Qamar Siwani
हर्फ़दरियाहैदिलसमुंदरहै
प्यासफिरभीमिरामुक़द्दरहै
तुमकहाँतकमुझेसँभालोगे
राहमेंहरक़दमपेठोकरहै
मेरेआँसूकाएकइकक़तरा
अपनीअपनीजगहसमुंदरहै
पाँवहैफ़र्श-ए-ख़ाकपरमेरा
चश्म-ए-अफ़्कारआसमाँपरहै
दिलमेंरौशनहैजोचराग़-ए-हक़
उसकाक़दचाँदकेबराबरहै
लफ़्ज़कीसादगीहैउसकालिबास
नुदरत-ए-फ़नग़ज़लकाज़ेवरहै
सैकड़ोंरिंदइसमेंडूबगए
कितनागहरा'क़मर'येसाग़रहै
  - Qamar Siwani
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