sar uthaaye hain aasmaan kaii | सर उठाए हैं आसमान कई

  - Qamar Rais Bahraichi
सरउठाएहैंआसमानकई
मैंअकेलाहूँऔरकमानकई
हालदुनियाकापूछिएमुझसे
मुझमेंरहतेहैंख़ानदानकई
हरक़दमइम्तिहानहैमेरा
होगएमेरेमेहरबानकई
बे-ज़बाँहोगएपरिंदेजब
नज़्र-ए-आतिशहुएमकानकई
लोगआईनाउसकोकहतेहैं
मुँहमेंरखताहैजोज़बानकई
ज़िंदगानीतिरेसिवाभीऔर
हमकोदेनेहैंइम्तिहानकई
मैंसुनाऊँमगरकहाँसे'क़मर'
मुझमेंपिन्हाँहैंदास्तानकई
  - Qamar Rais Bahraichi
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