phir se tire nuqoosh nazar pe ayaan hue | फिर से तिरे नुक़ूश नज़र पे अयाँ हुए

  - Qamar Naqvi
फिरसेतिरेनुक़ूशनज़रपेअयाँहुए
लोफिरविसाल-ए-यारकेलम्हेजवाँहुए
इकबातबढ़केबाइस-ए-नाराज़गीहुई
कुछलफ़्ज़मुँहसेनिकलेतोआह-ओ-फ़ुग़ाँहुए
तेरेसभीदरोग़वजाहतमेंछुपगए
औरमेरीसाफ़बातपेकितनेगुमाँहुए
क्यूँँकरकरेंगेयादवोदर्द-ए-फ़िराक़में
हमइसक़दरक़रीबभीउनकेकहाँहुए
मोहलतहीकबमिलीकिसँभलपातेहम'क़मर'
हमपरतोजितनेज़ुल्महुएना-गहाँहुए
  - Qamar Naqvi
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