dooriyaan saari simat kar rah gaiin aisa laga | दूरियाँ सारी सिमट कर रह गईं ऐसा लगा

  - Qamar Iqbal
दूरियाँसारीसिमटकररहगईंऐसालगा
मूँदलीजबआँखतोसीनेसेकोईलगा
किसक़दरअपनाइयतउसअजनबीबस्तीमेंथी
गोकिहरचेहराथाबेगानामगरअपनालगा
पाससेहोकरजोवोजातातोख़ुशहोतेमगर
उसकाकतराकरगुज़रनाभीहमेंअच्छालगा
उसघड़ीक्याकैफ़ियतदिलकीथीकुछहमभीसुनें
तूनेपहलीबारजबदेखाहमेंकैसालगा
जिसक़दरगुंजानआबादीथीउसकेशहरकी
जानेक्यूँँहरशख़्सहमकोइसक़दरतन्हालगा
जिस्मकाआतिश-कदालेकरतोपहुँचेथेवहाँ
हाथजबउसकाछुआतोबर्फ़सेठंडालगा
जबकिसीशीरीं-दहनसेगुफ़्तुगूकी'क़मर'
अपनालहजाभीहमेंउसकीतरहमीठालगा
  - Qamar Iqbal
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